जय मा बगले.....
आध्यात्म रार चिंतन मनन
रविवार, 10 अक्टूबर 2010
भारत-रत्न
विवेकानंद से इतर ,किन्तु समतुल्य....
अब आप पढ़िए
संपूर्ण योगानंद
साहित्य,--
जब ईश्वर चाहेगा तब ही पढ़ सकेंगे.
चित्र
उपन्यास से लिए हैं ये चित्र [योगानंदजी की आत्मकथा से] चित्र भी क्या चीज हैं ........
माँ की असीम शक्ति
जगदम्बे को जानें ....कुच्छ नहीं जानते अभी आप ......
जीवनी
योगानंदजी की आत्मकथा अवश्य पढ़ें........गहरे रहस्य मिलेंगे.....
मोह...
तुलसीजी ने कहा है,--- "मोह सकल ब्याधिन कर मूला" ...किन्तु संतों ने सहज प्रीति में ईश्वर के दर्शन भी किये ..
जीवन ध्येय
सारा जीवन समझ सके हम .......
योगी
योगानंदजी ने माँ के सानिध्य को आसान बनाया......
माँ की करुना
दयामयी माँ मेरी रक्षा करना........
आँचल
माता ने मुझे अपने दिव्य आँचल में छुपा लिया है.......
शरण
माता की शरण मैं आके दुःख भूलना चाहती हूँ.
शत्रु नाशिनी
माँ पीताम्बरा अपने शरणागतों की सब तरह से रक्षा कराती है...
शक्ति
नवरात्री साधना द्वारा शक्ति अर्जित करने का अलौकिक अवसर है.....
रेखा
आज रेखाजी का जन्म दिन है...........वे मेरी सर्वाधिक प्रिय अभिनेत्री हैं...
असीम हार्दिक मंगल कामनायें .....
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